| Paper Title |
सामाजिक अनुसंधान में पूर्वाग्रह (Bias) को कम करने में नमूनाकरण तकनीकों की भूमिका : एक समीक्षा |
| Author(s) | अंकिता गुप्ता. |
| Country | India |
| Abstract |
पूर्वाग्रह का तात्पर्य है किसी विषय, व्यक्ति, समूह या स्थिति के प्रति ऐसा पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण रखना, जिससे निष्कर्ष या निर्णय तथ्य आधारित न होकर व्यक्तिगत धारणाओं, भावनाओं या सीमित अनुभवों पर आधारित हो जाते हैं। सामाजिक अनुसंधान में पूर्वाग्रह एक महत्वपूर्ण समस्या है, जो अनुसंधान की निष्पक्षता, सटीकता और वैज्ञानिकता को प्रभावित करता है। जब किसी शोध में डेटा संग्रह या विश्लेषण के दौरान किसी विशेष वर्ग, विचारधारा या अनुभव को अत्यधिक महत्व दिया जाता है, तब पूर्वाग्रह उत्पन्न होता है। इस शोध पत्र में सामाजिक अनुसंधान में पूर्वाग्रह को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाने वाली नमूनाकरण तकनीकों की भूमिका का विश्लेषण किया गया है। नमूनाकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी बड़ी जनसंख्या से प्रतिनिधि समूह का चयन किया जाता है ताकि उस पर अध्ययन कर पूरे समूह के बारे में निष्कर्ष निकाला जा सके। नमूनाकरण दो प्रमुख प्रकार के होते हैं: संभाव्यता आधारित (Probability Sampling) और असंभाव्यता आधारित (Non-Probability Sampling)। संभाव्यता नमूनाकरण में प्रत्येक इकाई के चयन की ज्ञात और समान संभावना होती है, जिससे चयन पूर्वाग्रह की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसके विपरीत, असंभाव्यता नमूनाकरण में इकाइयों के चयन की संभावना ज्ञात नहीं होती, जिससे पूर्वाग्रह बढ़ने की संभावना रहती है। |
| Subject Area | Social Science |
| Issue | Volume 2, Issue 3 (May - June 2025) |
| Published | 2025/06/13 |
| How to Cite | अंकिता गुप्ता (2025). सामाजिक अनुसंधान में पूर्वाग्रह (Bias) को कम करने में नमूनाकरण तकनीकों की भूमिका : एक समीक्षा. International Journal of Social Science Research (IJSSR), 2(3), 299–311. https://doi.org/10.70558/IJSSR.2025.v2.i3.30408 |
| DOI | 10.70558/IJSSR.2025.v2.i3.30408 |
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