| Paper Title | प्राचीन भारत में वस्त्र और मसाला व्यापार: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन |
| Author(s) | |
| Country | India |
| Abstract | यह अध्ययन प्राचीन भारत में वस्त्र और मसाला व्यापार के आर्थिक एवं सांस्कृतिक प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। प्राचीन काल से भारत विश्वभर में कपास, रेशम, ऊन और मलमल जैसे वस्त्रों तथा काली मिर्च, इलायची, दालचीनी और अदरक जैसे मसालों के लिए प्रसिद्ध रहा है। पुरातात्त्विक साक्ष्य, यात्रावृत्तांत और प्राचीन ग्रंथ प्रमाणित करते हैं कि भारत का व्यापारिक नेटवर्क स्थल मार्ग (सिल्क रूट) और समुद्री मार्गों के माध्यम से रोम, मिस्र, अरब और दक्षिण–पूर्व एशिया तक फैला हुआ था। इस व्यापार ने भारत को अपार राजस्व और विदेशी मुद्रा प्रदान की, जिससे इसे “सोने की चिड़िया” कहा जाने लगा। साथ ही, व्यापार ने सांस्कृतिक आदान–प्रदान, बौद्ध धर्म के प्रसार और कला–वास्तुकला के विकास को भी बढ़ावा दिया। अध्ययन यह दर्शाता है कि वस्त्र और मसालों ने प्राचीन भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक पहचान दिलाई और आधुनिक व्यापारिक दृष्टिकोण में भी इनका महत्व बना हुआ है। यह शोध आगे के अध्ययनों के लिए आधार प्रदान करता है। |
| Subject Area | Hindi |
| Issue | Volume 2, Issue 5 (September - October 2025) |
| Published | 2025/09/27 |
| How to Cite | विरेन्द्र सिंह चौहान, & उत्कर्ष सिंह (2025). प्राचीन भारत में वस्त्र और मसाला व्यापार: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. International Journal of Social Science Research (IJSSR), 2(5), 183–188. https://doi.org/10.70558/ijssr.2025.v2.i5.30612 |
| DOI | 10.70558/IJSSR.2025.v2.i5.30612 |
| License |
Copyright © 2025 The Author(s). This work is licensed under a
Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0). |
View / Download PDF File