| Paper Title | भारतीय लोक कला: प्राचीन काल से आधुनिक युग तक |
| Author(s) | सुरेन्द्र कुमार गौत्तम. |
| Country | India |
| Abstract | भारत एक प्राचीन काल से लोक कला परम्परा वाला देश रहा है यह एक मानव की सौन्दर्य भावना का परिचायक है। लोक कला का आरम्भ मानव सस्ंकृति के साथ हो गया था। लोक कला का हमारे जीवन में बहुत बडा महत्व है कलाओं के अन्तर्गत चित्रकला, स्थापत्य कला, मूर्ति कला, लोककला तथा हस्त कला एवं शिल्प कला प्रमुख है इन सभी कलाओं की अभिव्यक्ति की दृष्टि से प्राचीन काल से वर्तमान काल तक विशेष महत्व है। भारत में विभिन्न पांरपरिक कलाएँ है जो गाँव-शहर, रेगिस्तान, पहाड तक फैली है। ये कलाएँ आज भी जनमानस द्वारा अपनाई जा रही हैं। अब तक, हमने कला का अध्ययन समय के सापेक्ष किया है। मनुष्य का जीवन लोक कलाओं के बिना अधूरा है। यह व्यक्ति को बेहतर जीवन जीने की कला सिखाया है। जीवन में रंग भरने का काम करती है यह मनुष्य की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम भी है। |
| Subject Area | Social Science |
| Issue | Volume 1, Issue 1 (January - February 2024) |
| Published | 2024/01/25 |
| How to Cite | सुरेन्द्र कुमार गौत्तम (2024). भारतीय लोक कला: प्राचीन काल से आधुनिक युग तक. International Journal of Social Science Research (IJSSR), 1(1), 92–97. |
| License |
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