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International Journal of Social Science Research (IJSSR)

International Journal of Social Science Research (IJSSR)

An Open-Access, Peer-Reviewed & Refereed Bimonthly Journal

ISSN: 3048-9490

Call For Papers - Volume 3, Issue 5 (September - October 2026)
Paper Title

विकासखंड कमालगंज में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर एक समीक्षा

Author(s)
Amit kumar
Chhatrapati shahu Ji Maharaj University Kanpur, Uttar Pradesh, India
Dr. Abhilasha Sharma
Chhatrapati shahu Ji Maharaj University Kanpur, Uttar Pradesh, India
CountryIndia
Abstract

विकासखंड कमालगंज जनपद फर्रुखाबाद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर एक समीक्षाअमित कुमार 1, डॉ0 अभिलाषा शर्मा2 1. शोध छात्र, डिपार्टमेंट ऑफ़ जियोग्राफी, स्कूल आफ बेसिक साइंस, छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर, इंडिया2.असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ़ जियोग्राफी, स्कूल ऑफ़ बेसिक साइंस, छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर, इंडियाप्रस्तावना: अपशिष्ट को सरल शव्दों में समझें तो कोई भी पदार्थ जिसका प्राथमिक उपयोग होने के बाद शेष बचा हुआ बेकार या अनुपयोगी पदार्थ को अपशिष्ट कहा जाता है | अपशिष्ट को भौतिक गुणों के आधार पर दो भागों में बांटा गया है _ 1.ठोस अपशिष्ट, 2. तरल अपशिष्ट (कचरा) ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिए ठोस तथा तरल अपशिष्ट का इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन एवं इसका अनुचित प्रबंधन चिंता का विषय है | ऐसा अनुमान है कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में 15000 से 18000 मिलियन लीटर तरल अपशिष्ट प्रतिदिन तथा 0.3 से 0.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिदिन ठोस अपशिष्ट उत्पन्न हो रहा है, जिसमें उत्पादित हो रहे ठोस कचरे का अधिकांश भाग जैविक होता है | वर्तमान समय में यह देखा गया है कि विकासखंड कमालगंज, (जनपद फर्रुखाबाद) राज्य- उत्तर प्रदेश में अपनाई जाने वाली ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली बेकार तथा असंवहनीय है, क्योंकि स्थानीय स्तर (निजी तथा सरकारी) के द्वारा कचरे के पृथक्करण का कोई भी उचित प्रावधान नहीं है, जिसके कारण कचरे का संग्रहण एवं उसका परिवहन अपर्याप्त एवं अनुचित है | विकासखंड में विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न हो रहे कचरे के संग्रहण, खाद बनाने एवं उसका पुनर्चक्रण का उचित समाधान (प्रबंधन) नहीं है | अधिकतर कचरे को खुले में सड़कों के किनारे, तालाबों के किनारे फेंक दिया जाता है | जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो इसमें आग लगा दी जाती है | देखा जाए तो स्थानीय स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल नहीं है जिससे इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके | विकासखंड कमालगंज में कचरा पृथक्करण प्रणाली के लिए नया, सरल तथा लागू ढांचा तैयार किया गया है, जिससे इसे संसाधित किया जा सके, इसके लिए गांव में कूड़ा निस्तारण केन्द्रों का निर्माण कार्य किया जा रहा है | गावों में डस्टबिन लगवाने का कार्य भी लगभग पूरा होने जा रहा है, जिससे कचरा संग्रहण और परिवहन प्रणाली में वर्तमान समय में सुधार हुआ है | प्रस्तावित प्रक्रिया के अनुसार कचरे को बायोडिग्रेडेबल और गैर बायोडिग्रेडेबल कचरे से खाद बनाना प्रस्ताव की महत्वपूर्ण विशेषता है |मुख्य शब्द: अपशिष्ट, ठोस अपशिष्ट, पृथक्करण, लैंडफिल, डंपिंग

Subject AreaGeography
Issue Volume 2, Issue 1 (January - February 2025)
Published2025/02/15
How to Cite kumar, A., & Sharma, A. (2025). विकासखंड कमालगंज में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर एक समीक्षा. International Journal of Social Science Research (IJSSR), 2(1), 134–145. https://doi.org/10.70558/ijssr.2025.v2.i1.30268
DOI 10.70558/IJSSR.2025.v2.i1.30268
License
Copyright © 2025 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

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